मखदूम मोहियुद्दीन
#25aug #04feb मशहूर व मारूफ शायर मखदूम मोहिउद्दीन मखदूम मोहियुद्दीन 04 फ़रवरी 1908 मेदक, हैदराबाद राज्य, ब्रिटिश भारत (अब तेलंगाना, भारत) 25 अगस्त 1969 (उम्र 61) हैदराबाद , आंध्र प्रदेश, भारत (अब तेलंगाना, भारत में) पेशा उर्दू कवि राष्ट्रीयता भारतीय काल स्वतंत्रता पूरव और स्वतंत्र भारत विधा ग़ज़ल विषय क्रांति 1936 का साल अदब के लिए ऐसा साल रहा है जिसने उर्दू अदब की दिशा और दशा को नया मोड़ दिया. इसी साल अंजुमन तरक्की पसंद मुसन्निफीन की बुनियाद लखनऊ में पड़ी. पहले कॉन्फ्रेंस की सदारत मुंशी प्रेमचंद ने की. 1936 के बाद समाजी और सियासी फ़िक्र के लिहाज से जो बुसअत और गहराई उर्दू शायरी में देखी गई पहले कभी नहीं देखी गई थी. ये एक तहरीक थी जो मुसलसल आज तक जारी है, जिसने उर्दू शायरी को एक से बढ़कर एक अदीब दिए. क्या आपने “बाज़ार” फिल्म देखी है? देखा ही होगा. अगर नहीं देखा तो देख लीजिए, अच्छी फिल्म है. जिन्होंने देखा होगा वो ये गाना तो जरूर सुनें होंगे- ‘फिर छिड़ी रात बात फूलों की‘, या ‘गमन’ फिल्म का ये गाना ‘आपकी याद आती रही रात भर/चश्में नम मुस्कराती रही रात भर‘ या फिर ‘चा चा चा’ फिल्...