पी एल संतोषी
पी एल संतोषी #07aug #07sep पी एल संतोषी 🎂 07 अगस्त 1916, जबलपुर ⚰️07 सितंबर 1978, मुम्बई बच्चे: राजकुमार सन्तोषी पोते या नाती: तनीषा संतोषी, राम संतोषी पी.एल.संतोषी, यानी आज के ख्यातनाम फिल्मकार राजकुमार संतोषी के पिता, अपने दौर के कामयाब लेखक, निर्देशक और गीतकार थे। उनका कमाल यह था कि लोग फिल्म भले याद न रख पाए हों, पर उनके गीत कभी नहीं भूल पाएंगे.. ये जो फिल्मी दुनिया है न, बड़े कमाल की दुनिया है। बहुत सारी बातें तो हम लोग यहीं बैठ कर कर चुके हैं। आपने कुछ और भी सुन रखी होंगी। मतलब कमाल है। कभी अर्श पर तो कभी फर्श पर। और कभी-कभी तो उससे भी बदतर। पी एल संतोषी अपने दौर के एक ऐसा कामयाब फिल्मसाज थे, जिसकी फिल्मों में सिनेमा घरों की टिकट खिड़की पर दौलत की बरसात हुई, लेकिन एक दिन उन्हें ख़ुद दिवालिया होना पड़ा। जिसने जमाने को अपने हुनर से दीवाना बना दिया था, एक दिन ख़ुद दीवाना बनकर अपनी ख़ुदी को नीलाम कर बैठे पहले हम लोग पी एल संतोषी के कुछ ख़ूबसूरत नग्मे सुन लें। आना मेरी जान-2, संडे के संडे’ (चितलकर-शमशाद बेगम), ‘जवानी की रेल चली जाए रे’ (गीता राय (दत्त), चितलकर-लता)...