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विनायक पटवर्धन

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#23अगस्त #22july  विनायकराव पटवर्धन 🎂जन्म: 22 जुलाई, 1898; ⚰️ मृत्यु: 23 अगस्त, 1975 हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के गायक थे। पं. विष्णुदिगंबर पलुस्कर के शिष्यों में विनायकराव पटवर्धन अपने समय के महान् गायक थे। जीवन परिचय विनायकराव पटवर्धन का जन्म 22 जुलाई, 1898 ई. को मिरज़ (महाराष्ट्र) में हुआ था। संगीत की प्रांरभिक शिक्षा अपने चाचा श्री केशवराव से प्राप्त की। तत्पश्चात् 9 वर्ष की आयु से पं. विष्णुदिगंबर पलुस्कर से शिक्षा लेना शुरू किया। प्रारंभ में बाल गंधर्व की नाटक मंडली में काम किया। तत्पश्चात् सन् 1932 में 'गंधर्व महाविद्यालय', पूना की स्थापना करके आजीवन संगीत सेवा की। कई पाठ्य पुस्तकें भी लिखीं, जिनमें 'राग-विज्ञान' प्रमुख है। सम्मान सन 1972 में विनायकराव पटवर्धन को भारत सरकार द्वारा 'पद्म भूषण' की उपाधि से विभूषित किया गया। निधन विनायकराव पटवर्धन तराने के सिद्ध गायक थे, साथ ही चारों पट की गायकी में दक्ष थे। उन्होंने रूस आदि देशों में जाकर भारतीय संगीत का प्रचार भी किया। अंतत: 23 अगस्त, 1975 को पूना में ही इस महान् गायन-मनीषी का देहावसान हो गया। ...

मुकेश

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Mukesh मुकेश #22july #27aug मुकेश चन्द्र माथुर जन्म 22 जुलाई, 1923 जन्म भूमि दिल्ली, भारत मृत्यु 27 अगस्त, 1976 मृत्यु स्थान संयुक्त राज्य अमरीका पति/पत्नी सरल संतान पुत्र- नितिन, पुत्री- रीटा और नलिनी कर्म भूमि भारत कर्म-क्षेत्र पार्श्वगायन मुख्य फ़िल्में 'यहूदी', 'बन्दिनी', 'संगम', 'अंदाज़', 'मेरा नाम जोकर', 'आनन्द', 'कभी कभी', 'सत्यम शिवम सुन्दरम' आदि। पुरस्कार-उपाधि 'राष्ट्रीय पुरस्कार' एक बार, 'फ़िल्म फ़ेयर पुरस्कार' चार बार प्रसिद्धि पार्श्वगायक (हिन्दी सिनेमा) नागरिकता भारतीय प्रसिद्ध गीत 'छोड़ गए बालम', 'जिंदा हूं इस तरह', 'दोस्त-दोस्त ना रहा', 'जीना यहां मरना यहां', 'कहता है जोकर', 'जाने कहां गए वो दिन', 'आवारा हूं', 'मेरा ना राजू', 'मेरा जूता है जापानी', 'ये मेरा दीवानापन है', 'ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना', 'किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार', 'मैंने तेरे लिये ही सात रंग के सपने चुने', '...

सुमित्रा देवी

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#22july #28aug सुमित्रा देवी   🎂22 जुलाई 1923  ⚰️ 28 अगस्त 1990  एक भारतीय अभिनेत्री थीं, जिन्हें 1940 और 1950 के दशक के दौरान हिंदी के साथ-साथ बंगाली सिनेमा में उनके काम के लिए पहचाना जाता है।उन्हें दादा गुंजाल द्वारा निर्देशित 1952 की हिंदी फिल्म ममता में उनकी भूमिका के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है।  वह दो बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए बीएफजेए पुरस्कार की प्राप्तकर्ता थीं। वह अपने समय की उत्कृष्ट सुंदरियों में से एक थीं और उन्हें प्रदीप कुमार और उत्तम कुमार जैसे दिग्गजों ने अपने समय की सबसे खूबसूरत महिला माना है। सुमित्रा देवी का जन्म 22 जुलाई 1923 में शिउरी, बीरभूम, पश्चिम बंगाल में हुआ था।  उनका मूल नाम नीलिमा चट्टोपाध्याय था।  उनके पिता मुरली चट्टोपाध्याय एक वकील थे।उनके भाई का नाम रणजीत चट्टोपाध्याय था।  उनका पालन-पोषण बिहार के मुजफ्फरपुर में हुआ था।  एक बड़े भूकंप के कारण मुजफ्फरपुर में उनका घर और संपत्ति बर्बाद हो गया इसीलिए उनका परिवार कलकत्ता में स्थानांतरित हो गया।  अपनी किशोरावस्था में, वह अनुभवी अभिनेत्री कानन देवी क...