गोपाल सिंह नेपाली
#11aug #17april प्रसिद्ध गीतकार जी एस नेपाली उर्फ गोपाल सिंह नेपाली 11 अगस्त 1911 ई॰ को बिहार के पश्चिमी चम्पारन , बेतिया ⚰️17 अप्रैल 1963 ई॰ बिहार के भागलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या पांच कलम की स्वाधीनता के लिए आजीवन संघर्षरत रहे 'गीतों के राजकुमार' गोपाल सिंह नेपाली लहरों की धारा के विपरीत चलकर हिन्दी साहित्य, पत्रकारिता और फिल्म उद्योग में ऊंचा स्थान हासिल करने वाले छायावादोत्तर काल के विशिष्ट कवि और गीतकार थे। बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले के बेतिया में 11 अगस्त 1911 को जन्मे गोपाल सिंह नेपाली की काव्य प्रतिभा बचपन में ही दिखाई देने लगी थी। एक बार एक दुकानदार ने बच्चा समझकर उन्हें पुराना कार्बन दे दिया जिस पर उन्होंने वह कार्बन लौटाते हुए दुकानदार से कहा- 'इसके लिए माफ कीजिएगा गोपाल पर, सड़ियल दिया है आपने कार्बन निकालकर'। उनकी इस कविता को सुनकर दुकानदार काफी शर्मिंदा हुआ और उसने उन्हें नया कार्बन निकालकर दे दिया। साहित्य की लगभग सभी विधाओं में पारंगत नेपाली की पहली कविता 'भारत गगन के जगमग सितारे' 1930 में रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा संपादित बाल पत...