तेजी बच्चन
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तेजी बच्चन
जन्म 12 अगस्त, सन् 1914
जन्म भूमि लायलपुर (पाकिस्तान)
मृत्यु 21 दिसंबर, 2007
मृत्यु स्थान मुंबई, महाराष्ट्र
अभिभावक पिता- सरदार खजान सिंह
पति/पत्नी हरिवंश राय बच्चन
संतान अमिताभ बच्चन और अजिताभ बच्चन
कर्म भूमि भारत
नागरिकता भारतीय
संबंधित लेख हरिवंश राय बच्चन, अमिताभ बच्चन
अन्य जानकारी तेजी एक अभिनेत्री भी थीं। वे कॉलेज के दिनों में नाटकों में भाग लेती थीं। वे एक अच्छी गायिका भी थीं और उन्होंने कई बार मंच पर अपनी कला का जौहर भी दिखाया था।
परिचय
तेजी बच्चन का जन्म 1914 में फैसलाबाद में एक सिक्ख परिवार में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। पंजाबी परिवार में जन्मी तेजी बच्चन का मूल नाम तेजी सूरी था। वे हरिवंश राय बच्चन की ज़िंदगी में दूसरी पत्नी बन कर आई थीं। पहली पत्नी 'श्यामा' के निधन के बाद हरिवंश राय बच्चन ने तेजी से प्रेम विवाह किया था। यह शादी 1941 में हुई थी। तब से 2003 में हरिवंश राय के निधन तक तेजी ने हर क़दम पर पति का साथ निभाया। वर्ष 2003 में 96 वर्ष की उम्र में डॉ. हरिवंश राय बच्चन के निधन के बाद से ही तेजी का स्वास्थ्य गिरता गया।
हरिवंश राय बच्चन से मुलाकात
तेजी सूरी से हरिवंश राय बच्चन की मुलाकात बरेली में एक मित्र 'ज्ञानप्रकाश जौहरी' के घर हुई थी, जिनकी पत्नी लाहौर के 'फतेहचंद कॉलेज' में प्राचार्य थीं और तेजी उसी कॉलेज में मनोविज्ञान पढ़ाती थीं। तेजी बच्चन की कविताओं की प्रशंसक थीं, इसलिए दोनों के बीच प्रेम और विवाह होने में देर नहीं लगी। 24 जनवरी, 1942 को इलाहाबाद के ज़िला मजिस्ट्रेट की अदालत में उन्होंने अपना विवाह रजिस्टर कराया। उस समय के रूढ़िवादी समाज में यह एक विवादास्पद विवाह था। तेजी के पिता खजानसिंह लंदन से बैरिस्टरी करके आए थे और उन्होंने लायलपुर में प्रैक्टिस की थी। सरदार खजानसिंह बाद में पटियाला के रेवेन्यू मिनिस्टर बने और अंततः लाहौर जा बसे। तेजी एक मातृविहीन बालिका थीं। शुरू में कवि बच्चन से तेजी का विवाह खजानसिंह को पसंद नहीं आया था, लेकिन बाद में संबंध सामान्य हो गए।
परस्पर सम्मान की भावना
हरिवंश राय बच्चन तेजी बच्चन का बहुत ख़्याल रखते थे और बेहद सम्मान भी करते थे। तेजी हरिवंश राय बच्चन को 'बच्चन' संबोधन से ही बुलाती थीं। हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन अपने युवा दिनों में साहित्य सम्मेलनों में बहुत मशहूर हुआ करते थे। दोनों की आवाज़ और कवि बच्चन की दिल को छू लेने वाली कविताएँ लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती थीं।
दिल्ली प्रवास
तेजी बच्चन दमे की मरीज़ थीं और मुम्बई का नमी वाला वातावरण उन्हें कभी रास नहीं आया। इसलिए वे मुम्बई की बजाय दिल्ली में रहना पंसद करती थी। अमिताभ के फ़िल्म उद्योग में पैर जमाने के शुरुआती दौर में वे हरिवंश राय बच्चन के साथ दिल्ली में ही रहती थीं, बाकी परिवार मुम्बई में रहता था।
धार्मिक स्वभाव
तेजी बच्चन भी बच्चन जी की ही तरह भगवान श्रीराम और हनुमान की परम भक्त थीं।
गायन व अभिनय
तेजी एक अभिनेत्री भी थीं। वे कॉलेज के दिनों में नाटकों में भाग लेती थीं। तेजी बच्चन अच्छी गायिका भी थीं और उन्होंने कई बार मंच पर अपनी कला का जौहर भी दिखाया था। यही नहीं विवाह के बाद भी वे इलाहाबाद और दिल्ली में कई बार मंचों पर अभिनय के लिए उतरी थीं। हरिवंश राय बच्चन ने 'शेक्सपीयर' के कई नाटकों का अनुवाद किया था और तेजी बच्चन ने कई नाटकों में अभिनय भी किया। अमिताभ में अभिनय के संस्कार अपनी माँ से ही आए।
सामाजिक कार्यकर्ता
श्रीमती बच्चन इलाहाबाद में एक सामाजिक कार्यकर्ता और रंगकर्मी के रुप में जानी जाती थीं। वह आनंद भवन भी आया-जाया करती थीं और वहीं उनकी मुलाकात पंडित जवाहर लाल नेहरू से हुई थी। श्रीमती बच्चन ने ही हरिवंश राय बच्चन का परिचय नेहरु जी से कराया था।
नेहरू परिवार से सम्बंध
अपने समय में कवि हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन की जोड़ी भारत की चर्चित और लोकप्रिय जोड़ी मानी जाती थी। हरिवंशराय बच्चन और तेजी बच्चन जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बेहद क़रीब माने जाते थे। सोनिया गाँधी जब राजीव गाँधी से शादी करके पहली बार भारत आईं तो स्वर्गीय इन्दिरा गाँधी ने उन्हें साड़ी पहनने से लेकर भारतीय संस्कारों, भारतीय परंपराओं और तीज त्यौहारों का महत्व जानने व समझने के लिए तेजी बच्चन के पास ही भेजा था।
निधन
21 दिसम्बर, 2007 शुक्रवार को लंबी बीमारी के बाद मुंबई के 'लीलावती अस्पताल' में तेजी बच्चन का देहांत हो गया। वे 93 वर्ष की थीं।
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