चिरंजीवी
#22aug
चिरंजीवी
कोणिदेल शिवशंकर वरप्रसाद
22 अगस्त 1955
भारत मोगल्तूरु, आम्ध्रप्रदेश
आवास
हैदराबाद
राष्ट्रीयता
भारतीय
पेशा
अभिनेता
कार्यकाल
१९७७–वर्तमान
जीवनसाथी
सुरेखा
बच्चे
रामचरनतेज
श्रीज
माता-पिता
कोणिदेल वेंकटरावु
अंजना देवी
संबंधी
अल्लू रामलिंगय्या, अल्लू अर्जुन, नागबाबू, पवनकल्याण
तेलुगु एवं हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता हैं। इन का वास्तविक नाम है, कोणिदेल शिव शंकर वर प्रसाद। इन्होंने अभी तक तीन हिन्दी फ़िल्मों में काम किया है।
पश्चिम गोदावरी ज़िला, आन्ध्र प्रदेश दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता और राजनीतिज्ञ हैं। तेलुगू फ़िल्म उद्योग ‘टॉलीवुड’ के आज के सबसे बड़े नेता चिरंजीवी ने अपने तीन दशक के फ़िल्मी कैरियर में 100 से अधिक फ़िल्मों में प्रमुख भूमिका निभाई है। उन्होंने अपनी फ़िल्मों में ऐसे अभिनेता का पात्र निभाया है जो ग़रीब और आम लोगों को बचाता है। चिरंजीवी को चार बार नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा भारत सरकार ने भी चिरंजीवी को 'राष्ट्रीय पुरस्कार' प्रदान किया है। फ़िल्मों के अलावा चिरंजीवी राजनीति में भी सक्रिय हैं। इनके प्रशंसकों की इनके प्रति दीवानगी देखने लायक़ होती है। चिरंजीवी का वास्तविक नाम 'कोणिदेल शिव शंकर वर प्रसाद' है
चिरंजीवी का जन्म 22 अगस्त, 1955 को आन्ध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी ज़िले में हुआ था। चिरंजीवी का वास्तविक नाम 'कोणिदेल शिव शंकर वर प्रसाद' है। बचपन से ही चिरंजीवी अभिनय में रुचि रखते थे। ओगोले (आंध्र प्रदेश) स्थित सी.एस.आर. शर्मा कॉलेज से बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद चिरंजीवी ने कॉमर्स विषय के साथ स्नातक उपाधि ग्रहण की। पढ़ाई पूरी करने के बाद चिरंजीवी चेन्नई आ गए और यहां आकर उन्होंने अभिनय सीखने के लिए 'मद्रास फ़िल्म इंस्टिट्यूट' में दाखिला ले लिया। वर्ष 1980 में चिरंजीवी ने दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के मशहूर हास्य कलाकार 'अल्लू राम लिंगइया' की बेटी सुरेखा से विवाह किया। चिरंजीवी की दो बेटियां (सुष्मिता और स्रीजा) और एक बेटा रामचरण तेजा (तेलुगु फ़िल्म अभिनेता) हैं।
अभिनय का प्रशिक्षण ग्रहण करने के बाद चिरंजीवी ने 'पुनाधिरल्लू' फ़िल्म के साथ अपने कैरियर की शुरुआत की। हालांकि 'प्रणाम ख़रीदू' फ़िल्म पहले प्रदर्शित हुई। प्रख्यात निर्देशक बापू की फ़िल्म 'मना पूरी पंडावुलू' ने चिरंजीवी को पहचान दिलवाई। 'आई लव यू' और 'ईदी कत्था कादू' फ़िल्म में छोटी पर मुख्य भूमिकाएँ निभाने के बाद चिरंजीवी की अभिनय क्षमता को और अधिक बढ़ावा मिला। वर्ष 1979 में चिरंजीवी की आठ और 1980 में चौदह बड़ी फ़िल्में प्रदर्शित हुईं। इसके बाद चिरंजीवी ने 'मोसागडू', 'रानी कसुला रंगम्मा' जैसी फ़िल्मों में नकारात्मक भूमिकाएँ निभाकर खूब लोकप्रियता बटोरी। 1980 का दशक चिरंजीवी के कैरियर के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण और सफल साबित हुआ। नब्बे के दशक में भी चिरंजीवी ने कई सफल फ़िल्मों में अभिनय किया। वर्ष 1997 में उन्होंने 'हिटलर' फ़िल्म में अपने बेजोड़ अभिनय के बल पर आलोचकों से भी खूब प्रशंसा बटोरी। 2002 में प्रदर्शित हुई फ़िल्म 'इन्द्रा' ने सफलता के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ डाले। राजनीति में आने से पहले चिरंजीवी की आख़िरी फ़िल्म 'शंकर दादा जिंदाबाद' रही।
राजनीतिक गतिविधियाँ
वर्ष 2008 में चिरंजीवी ने आन्ध्र-प्रदेश में सभी वर्गों के लोगों को सामाजिक न्याय दिलवाने के उद्देश्य से 'प्रजा राज्यम पार्टी' नामक क्षेत्रीय राजनीतिक दल की स्थापना की, जिसका अर्थ ‘जनता राज’ होता है। वर्ष 2009 में हुए विधानसभा चुनावों में चिरंजीवी की पार्टी को अठारह सीटों पर विजय प्राप्त हुई, लेकिन साल 2011 में उनकी पार्टी का आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस में औपचारिक विलय हो गया।
अपनी फ़िल्मों और पार्टी के अलावा चिरंजीवी की पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता की भी रही है। 'चिरंजीवी चैरिटी ट्रस्ट' की स्थापना चिरंजीवी ने 1998 में की थी जिसमें एक ब्लड बैंक और कई आई बैंक (नेत्र दान केन्द्र) हैं। आंध्र प्रदेश सरकार ने इनकी संस्था को सबसे ज्यादा ब्लड जमा करने के लिए पुरस्कृत भी किया है
भारतीय मीडिया में चिरंजीवी मेगास्टार के नाम से प्रसिद्ध हैं, जिसकी वजह है उनकी बेहतरीन और रिकॉर्ड तोड़ फ़िल्में। चिरंजीवी को सात बार 'दक्षिण भारतीय फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार' और चार बार 'नंदी पुरस्कार' से नवाजा जा चुका है। अपनी पहली हिंदी फ़िल्म 'प्रतिबंध' के लिए भी चिरंजीवी को फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। 2006 में उन्हें 'पद्म भूषण' से भी सम्मानित किया जा चुका है।
🎥प्रमुख फिल्में
इंद्रा - द टैगर (अनुवादित्)
आद्मी और अप्सरा (अनुवादित्)
द जेंटिल्मॅन (पुनर्निर्माण्)
प्रतिबंध (पुनर्निर्माण्)
आज का गूंडाराज (पुनर्निर्माण्)
Comments
Post a Comment