विमी मृत्यु

विमी 🎂01 जनवरी 1943 ❓⚰️22 अगस्त 1977 
याद करते हुए भारतीय सिनेमा की विस्मित अभिनेत्री को उनकी जयंती पर याद करते हुए: एक श्रद्धांजलि हमराज़ और पतंगा के रूप में। विमी ने 1967 में बी.आर. चोपड़ा निर्देशित हमराज़ में सुनील दत्त के साथ डेब्यू किया था। यह फिल्म हिट थी लेकिन इससे उनके करियर में कोई मदद नहीं मिली। वह शशि कपूर के साथ पतंगा (1971) और वचन (1974) में दिखाई दीं। वह दीपक कुमार के साथ आब्रू (1968) में अग्रणी महिला थीं।  01 जनवरी 1943 को जालंधर, पंजाब में पैदा हुआ, अविभाजित भारत, जो अब भारतीय राज्य पंजाब में है, एक पंजाबी लड़की थी, जिसने एक उद्योगपति के बेटे शिव अग्रवाल से शादी की थी। संगीत निर्देशक रवि ने कलकत्ता में एक पार्टी में उनका परिचय कराया और बाद में उन्हें और शिव को मुंबई आमंत्रित किया। उन्होंने उन्हें बी आर चोपड़ा से मिलवाया और इसी तरह विमी को उनकी पहली फिल्म मिली। जैसा कि सुनील दत्त ने अपने ना सर झुका के जिओ, ना मुन्ह छुपको जिओ के लिए गाया ... विमी की करामाती छवि ने दर्शकों का दिल जीत लिया। कहा जाता है कि पति से अलग होने के बाद, विमी एक संदिग्ध फिल्म निर्माता जॉली के साथ रहने लगी। लकड़ी की लेकिन सुंदर अभिनेत्री का निर्माताओं के लिए कोई उपयोग नहीं था और उसे शराब में सांत्वना मिली - सस्ती शराब जिसने अंततः उसे मार डाला। उसने अपनी 'प्यास' बुझाने के लिए पैसे कमाने के लिए वेश्यावृत्ति भी ली थी। उन्होंने अपने अंतिम कुछ दिन नानावटी अस्पताल के जनरल वार्ड में बिताए। 22 अगस्त 1977 को मुंबई में उनका निधन हो गया। जब उनकी मृत्यु हो गई, तो उनके अंतिम संस्कार के लिए भी पर्याप्त धन नहीं था। उसे जॉली और कुछ अन्य शुभचिंतकों द्वारा सांताक्रूज श्मशान घाट में 'थेला' पर ले जाया गया था। लेकिन उन्हें आज भी उनकी नाजुक, दुनिया की सुंदरता के लिए याद किया जाता है। यह भी कहा जाता है कि उनके अंतिम संस्कार में व्यक्तिगत रूप से मौजूद एकमात्र ज्ञाता सुनील दत्त थे।  गीत विमी पर चित्रित - तुम अगर साथ साथ देना... हमराज़ (1967) ना मुह चुपके जियो... हमराज़ (1967) नील गगन के टेल... हमराज़ (1967) किसी पथर की मूरत.. हमराज़ (1967) आप से प्यार हुआ... 
आब्रू
 (1968) जिन्हे हम भुलना चाह...
आब्रू 
(1968) जयेगी से तेरा... 
पातंगा(1971) 
विमी की फिल्मोग्राफी - 1967 हमराज़ 
1968 आब्रू 
1969 नानक नाम जहाज है 
1971 पतंगा, गुड्डी और कहिन आर कहीं पार 
1973 कहानी हम सब की 
1974 वचन 
1978 प्रेमी गंगाराम 

नोट👉🍷

कंगाली में गुस्सा पति करता था शराब पीकर मारपीट

रईसी के दिनों में विमी अपने पति के साथ जुहू के बंगले में रहा करती थीं, लेकिन वक्त बदला और कंगाली के बाद वो सबर्ब के एक छोटे से घर में रहने लगीं। कर्जे और कंगाली में पति शिव भी शराब पीने लगे। आए दिन घर में झगड़े होते और शराब के नशे में शिव, विमी को पीटते थे। पति ने कई बार विमी पर कुछ सी-ग्रेड फिल्मों में काम करने का भी दबाव बनाया, जिससे उनका खर्च चलता रहे, लेकिन वो भी नहीं मानीं।

एक प्रोड्यूसर ने दिया सहारा, पति को छोड़कर बन गईं शराबी

विमी को काम मिलना पूरी तरह से बंद हो चुका था और पति का रवैया भी उनके लिए बद् से बद्तर हो रहा है। इसी बीच वो जॉली नाम के एक प्रोड्यूसर के संपर्क में आईं। जॉली ने उन्हें कहा कि वो उन्हें काम दिलवाएगा, जिसके सिलसिले में उनकी मुलाकातें बढ़ने लगीं। साथ समय बिताते हुए दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। कुछ समय बाद विमी ने पति का घर छोड़ दिया और जॉली के साथ रहने लगीं। जॉली के साथ रहते-रहते विमी शराबी बन गईं।

शराब ने बर्बाद कर दी विमी की जिंदगी

कुछ दिनों बाद विमी ने पति से तलाक की मांग की। तलाक केस के चलते आए दिन विमी को कोर्च के चक्कर काटने पड़ते थे। एक दिन कोर्ट के बाहर शराब के नशे में विमी की मुलाकात म्यूजिक कंपोजर रवि से हुई। वही रवि जिनकी बदौलत विमी फिल्मों में आई थीं।

जैसे ही विमी ने रवि को देखा तो वो टूट गईं। उन्होंने वहीं रोते हुए रवि को पति और उसके जुल्मों की शिकायत करनी शुरू कर दी। विमी को रोता बिलखता देख रवि ने उन्हें तसल्ली दी कि वो जल्द-से-जल्द उनके पति से बात करेंगे और उन्हें समझाएंगे। रवि उनके पति से बात करते कि इससे पहले ही वो एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के सिलसिले में वर्ल्ड टूर पर निकल गए। जब तक रवि लौटे तो विमी की मौत हो चुकी थी।

जॉली जबरदस्ती करवाता था देह व्यापार

एक समय ऐसा भी आया जब न विमी के पास घर खर्च के पैसे थे और न ही जॉली के पास। ऐसे में जॉली, विमी को जबरदस्ती दूसरे प्रोड्यूसर्स के पास भेजता था और उनके मोटी रकम वसूल करता था। विमी की करीबी दोस्त रहीं कृष्णा ने एक इंटरव्यू में विमी के देह व्यापार करने की पुष्टि की थी।

समय बीता और विमी के जॉली से भी रिश्ते बिगड़ने लगे। देह व्यापार से जो भी रकम मिलती जॉली उन्हें रख लेता और विमी के साथ मारपीट करता था। एक दिन तंग आकर विमी ने जॉली को छोड़ दिया और अकेले रहने लगीं।

1 वर्ष पहलेलेखक: ईफत कुरैशी

22 अगस्त 1977, आज से ठीक 46 साल पहले 40 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस विमी की लाश ठेले में देखकर हर कोई दंग रह गया। उनकी मौत हो चुकी थी और एक आदमी उस ठेले को घसीटते हुए श्मशान घाट ले जा रहा था।

विमी अपने जमाने की सबसे रईस एक्ट्रेस हुआ करती थीं, जिन्हें फिल्म में लेने के लिए प्रोड्यूसर घर के बाहर लाइन लगाते थे। हमराज फिल्म का मशहूर गाना न मुंह छिपा के जिओ और न सिर झुका के जियो, विमी पर ही फिल्माया गया था। लेकिन रईसी, शोहरत और कामयाबी से भरी जिंदगी का अंत बेहद दर्दनाक रहा। पहले पति का साथ छूट गया और फिर जिसे अपना हमसफर बनाया उसी ने रुपए कमाने के लिए विमी को देह व्यापार में उतार दिया। शराब की लत से शरीर भी बर्बाद होता गया और आर्थिक तंगी वो आलम था कि एक्ट्रेस एक अस्पताल के जनरल वॉर्ड में जिंदगी और मौत के बीच लड़ती रहीं। जब मौत हुई तो न कोई रिश्तेदार आगे आया न कोई दोस्त।

आज विमी को गुजरे 46 साल बीतने पर पढ़िए उनकी जिंदगी और दर्दनाक अंत की कहानी-

पति की मदद से फिल्मों में आई थीं विमी

विमी का जन्म 1943 में जालंधर के एक रईस परिवार में हुआ था। विमी की कम उम्र में ही एक मशहूर और रईस बिजनेसमैन के बेटे शिव अग्रवाल से शादी करवा दी गई। इस शादी से उन्हें दो बच्चे हुए।

पति रईस बिजनेसमैन थे, तो उन्हें आए दिन बड़ी पार्टीज में जाना होता था। एक दिन वो एक पार्टी अटेंड करने विमी को भी अपने साथ कोलकाता ले गए। उस पार्टी में उस जमाने के नामी म्यूजिक डायरेक्टर रवि भी थे। जैसे ही उन्होंने विमी को देखा तो देखते ही रह गए। वो तुरंत विमी के पास आए और कहा- आप फिल्मों में काम क्यों नहीं करतीं?

विमी ने जवाब दिया- मैं दो बच्चों की मां हूं, मुझे भला फिल्मों में काम कौन देगा?

रवि ने तुरंत विमी को फिल्मों में लाने की ठान ली और उनके पति शिव को मुंबई आने का न्यौता दे दिया।

तत्कालीन प्रेसिडेंट जाकिर हुसैन से फिल्म हमराज के लिए बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड लेती हुईं विमी।
तत्कालीन प्रेसिडेंट जाकिर हुसैन से फिल्म हमराज के लिए बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड लेती हुईं विमी।

2 बच्चों की मां थीं, पति की मदद से फिल्मों में आईं

विमी के पति को उनके फिल्मों में जाने से कोई ऐतराज नहीं था, तो वो उन्हें लेकर मुंबई पहुंच गए। मुंबई में उन्होंने विमी की मुलाकात बी.आर. चोपड़ा से करवाई। बी.आर. चोपड़ा उन दिनों फिल्म हमराज बनाने की तैयारी कर रहे थे। फिल्म में पहले ही सुनील दत्त, राजकुमार और मुमताज को कास्ट कर लिया गया था, लेकिन उसमें एक नए चेहरे की गुंजाइश थी। बी.आर. चोपड़ा ने विमी की खूबसूरती देखकर तुरंत उन्हें फिल्म में मीना का रोल दे दिया।

फिल्म हमराज में सुनील दत्त के साथ विमी।
फिल्म हमराज में सुनील दत्त के साथ विमी।

पति ने फिल्मों में लाना चाहा तो परिवार ने कर दिया जायदाद से बेदखल

विमी के पति चाहते थे कि वो फिल्मों में आएं, लेकिन जैसे ही ये बात ससुराल वालों को पता चली तो हंगामा मच गया। घरवालों ने साफ इनकार कर दिया कि घर की बहू फिल्मों में नाच-गाना नहीं करेगी, लेकिन विमी के पति अड़ गए। तमाम कोशिशों के बावजूद जब घरवाले नहीं माने तो विमी के पति ने घर छोड़ने का फैसला कर लिया। परिवार वालों ने भी उन्हें जायदाद से बेदखल कर रिश्ता खत्म कर लिया।

पहली फिल्म से रातों-रात स्टार बनी थीं विमी

1967 में रिलीज हुई फिल्म हमराज से विमी ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। फिल्म में राजकुमार, सुनील दत्त और मुमताज लीड जैसे आला दर्जा के सितारे होने के बावजूद विमी ने अपनी खूबसूरती से हर किसी का ध्यान खींच लिया। पहली फिल्म जबरदस्त हिट रही और इसके गानें भी लोगों की जुबां पर चढ़ गए। मशहूर गाना न मुंह छिपा के जिओ और न सिर झुका के जियो, विमी और सुनील दत्त पर फिल्माया गया था। वहीं फिल्म के दूसरे गाने नीले गगन के तले और तुम अगर साथ देने का वादा करो भी हिट रहे।

फिल्म हमराज का एक सीन।
फिल्म हमराज का एक सीन।

घर के बाहर लगती थी डायरेक्टर्स की लाइन्स

पहली ही फिल्म में विमी को इस कदर प्यार मिला कि उस जमाने के बड़े-बड़े डायरेक्टर्स भी उन्हें लेने के लिए घर के बाहर इंतजार किया करते थे। हमराज के बाद विमी अशोक कुमार और निरूपा रॉय के साथ आबरू में दिखीं। आगे वो पृथ्वीराज कपूर के साथ नेशनल अवॉर्ड विनिंग फिल्म नानक नाम जहाज का में नजर आईं।

उन्होंने शशि कपूर के साथ पतंगा और वचन जैसी फिल्में कीं। विमी, जया बच्चन और धर्मेंद्र स्टारर गुड्डी में भी छोटी सी भूमिका में नजर आई थीं। उस जमाने में विमी हर फिल्म के 3 लाख रुपए चार्ज किया करती थीं।

पति रखने लगे फिल्मों का हिसाब, हस्तक्षेप से बर्बाद हुआ करियर

विमी ने बी.आर. चोपड़ा की फिल्म हमराज से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। उसी समय विमी ने उनके साथ 3 फिल्मों का कॉन्ट्रेक्ट साइन किया था। कॉन्ट्रेक्ट के तहत विमी जब तक 3 फिल्में न कर लें, वो किसी और के साथ फिल्में नहीं कर सकतीं।

एक सॉन्ग रिहर्सल के दौरान ली गई विमी की तस्वीर। तस्वीर में किशोर कुमार भी हैं।
एक सॉन्ग रिहर्सल के दौरान ली गई विमी की तस्वीर। तस्वीर में किशोर कुमार भी हैं।

विमी चाहती थीं कि उनका कॉन्ट्रेक्ट जल्द-से-जल्द खत्म हो, क्योंकि इसके चलते उनके हाथ से कई बड़ी फिल्में निकल रही थीं। उस समय पति शिव ही उनके काम का हिसाब रखते थे और उनके पर्सनल असिस्टेंट भी थे। एक दिन विमी को बी.आर. चोपड़ा की फिल्म की शूटिंग के लिए शहर से बाहर जाना था, लेकिन आखिरी वक्त में उनके पति ने ये कहते हुए इनकार कर दिया कि विमी आउटडोर शूटिंग नहीं करेंगी। पूरी यूनिट शहर से बाहर विमी का इंतजार कर रही थी, लेकिन वो उन्हें भेजने के लिए राजी नहीं थे।

बी.आर. चोपड़ा तुरंत फ्लाइट लेकर विमी को समझाने उनके घर पहुंच गए। दोनों के बीच बहस हुई और आखिरकार तंग आकर विमी का कॉन्ट्रेक्ट रद्द कर दिया।

फिल्में मिलना बंद हुईं, जो कंपनी खोली वो भी कर्जे में डूबी

बी.आर. चोपड़ा से हुए विवाद के बाद कई लोगों ने विमी के साथ काम करने से इनकार कर दिया। उनकी कुल 10 फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें से ज्यादातर फ्लॉप हो रही थीं। फिल्में फ्लॉप हुईं तो विमी पर भी फ्लॉप एक्ट्रेस का ठप्पा लग गया और उन्हें फिल्में मिलना बंद हो गईं। कुछ लोग उनके पति के रवैये के चलते भी उन्हें फिल्म में नहीं लेना चाहते थे।

बीतते समय के साथ विमी की फिल्मों से हुई कमाई कम पड़ने लगी और फिर सारी जमापूंजी खत्म होने की कगार पर आ गई। घर चलाने के लिए विमी ने अपने कोलकाता में एक टेक्सटाइल कंपनी खोल ली, लेकिन वो कंपनी भी बंद पड़ गई और विमी भारी कर्जे में डूब गईं।

1974 की फिल्म वचन में एक्ट्रेस जबीन के साथ विमी।
1974 की फिल्म वचन में एक्ट्रेस जबीन के साथ विमी।

कंगाली में गुस्सा पति करता था शराब पीकर मारपीट

रईसी के दिनों में विमी अपने पति के साथ जुहू के बंगले में रहा करती थीं, लेकिन वक्त बदला और कंगाली के बाद वो सबर्ब के एक छोटे से घर में रहने लगीं। कर्जे और कंगाली में पति शिव भी शराब पीने लगे। आए दिन घर में झगड़े होते और शराब के नशे में शिव, विमी को पीटते थे। पति ने कई बार विमी पर कुछ सी-ग्रेड फिल्मों में काम करने का भी दबाव बनाया, जिससे उनका खर्च चलता रहे, लेकिन वो भी नहीं मानीं।

एक प्रोड्यूसर ने दिया सहारा, पति को छोड़कर बन गईं शराबी

विमी को काम मिलना पूरी तरह से बंद हो चुका था और पति का रवैया भी उनके लिए बद् से बद्तर हो रहा है। इसी बीच वो जॉली नाम के एक प्रोड्यूसर के संपर्क में आईं। जॉली ने उन्हें कहा कि वो उन्हें काम दिलवाएगा, जिसके सिलसिले में उनकी मुलाकातें बढ़ने लगीं। साथ समय बिताते हुए दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। कुछ समय बाद विमी ने पति का घर छोड़ दिया और जॉली के साथ रहने लगीं। जॉली के साथ रहते-रहते विमी शराबी बन गईं।

शराब ने बर्बाद कर दी विमी की जिंदगी

कुछ दिनों बाद विमी ने पति से तलाक की मांग की। तलाक केस के चलते आए दिन विमी को कोर्च के चक्कर काटने पड़ते थे। एक दिन कोर्ट के बाहर शराब के नशे में विमी की मुलाकात म्यूजिक कंपोजर रवि से हुई। वही रवि जिनकी बदौलत विमी फिल्मों में आई थीं।

जैसे ही विमी ने रवि को देखा तो वो टूट गईं। उन्होंने वहीं रोते हुए रवि को पति और उसके जुल्मों की शिकायत करनी शुरू कर दी। विमी को रोता बिलखता देख रवि ने उन्हें तसल्ली दी कि वो जल्द-से-जल्द उनके पति से बात करेंगे और उन्हें समझाएंगे। रवि उनके पति से बात करते कि इससे पहले ही वो एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के सिलसिले में वर्ल्ड टूर पर निकल गए। जब तक रवि लौटे तो विमी की मौत हो चुकी थी।

जॉली जबरदस्ती करवाता था देह व्यापार

एक समय ऐसा भी आया जब न विमी के पास घर खर्च के पैसे थे और न ही जॉली के पास। ऐसे में जॉली, विमी को जबरदस्ती दूसरे प्रोड्यूसर्स के पास भेजता था और उनके मोटी रकम वसूल करता था। विमी की करीबी दोस्त रहीं कृष्णा ने एक इंटरव्यू में विमी के देह व्यापार करने की पुष्टि की थी।

समय बीता और विमी के जॉली से भी रिश्ते बिगड़ने लगे। देह व्यापार से जो भी रकम मिलती जॉली उन्हें रख लेता और विमी के साथ मारपीट करता था। एक दिन तंग आकर विमी ने जॉली को छोड़ दिया और अकेले रहने लगीं।

एक फिल्म की शूटिंग के सेट पर ली गई विमी की तस्वीर।
एक फिल्म की शूटिंग के सेट पर ली गई विमी की तस्वीर।

जनरल वॉर्ड में भर्ती रहीं, शराब से हुई मौत

लगातार शराब पीते रहने से विमी की लिवर पूरी तरह खराब हो गया। उनके पास न इलाज के पैसे थे न इलाज करवाने वाला कोई रिश्तेदार साथ था। एक दिन हालत बिगड़ने पर विमी ने जॉली से संपर्क किया। उसने मदद करते हुए उन्हें मुंबई के नानावटी अस्पताल के जनरल वॉर्ड में भर्ती करवाया और भाग निकला।

न कोई विमी से मिलने आता और न ही कोई उनकी देखरेख करता था। आखिरकार 22 अगस्त 1977 को विमी की मौत हो गई। अस्पताल ने जॉली को कॉल कर बुलाया और उसे डेडबॉडी ले जाने को कहा।

ठेले में रखकर श्मशान घाट पहुंचाई गई थी विमी की डेडबॉडी

जॉली अस्पताल तो पहुंचा, लेकिन उसके पास भी एंबुलेंस के पैसे नहीं थे। कुछ घंटों बाद भी जब कोई मदद के लिए आगे नहीं आया तो जॉली ने अस्पताल के बाहर खड़े एख चायवाले से उसका ठेला मांग लिया। उसी ठेले में जॉली ने अपने जमाने की मशहूर एक्ट्रेस विमी का शव रखकर श्मशान घाट तक पहुंचाया। विमी की लाश सड़क पर देखकर मीडिया मे खबर की गई और बात हर तरफ फैल गई। इसके बावजूद विमी के अंतिम संस्कार में महज 9 लोग पहुंचे, जिनमें प्रोड्यूसर तेजनाथ जार, एस.डी. नारंग के भाई भी शामिल थे।

मौत से 5 दिन पहले बी.आर. चोपड़ा ने शरीर पर देखे थे चोट के निशान

विमी के निधन के बाद बी.आर. चोपड़ा ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि मौत से 5 दिन पहले विमी उनसे माफी मांगने पहुंची थीं। विमी काफी नशे में थीं और उनके शरीर से सस्ती शराब की बदबू आ रही थी। गौर किया तो देखा कि विमी के हाथ और शरीर पर गहरी चोट के निशान हैं। उस समय विमी काफी परेशान लग रही थीं।

दोस्त ने कहा था- मौत उसके लिए ब्लेसिंग है

विमी के करीबी दोस्त कृष्णा ने विमी की मौत को उनके लिए पेन रिलीवर बताया। उनका कहना था कि जिस दर्दनाक हालात में विमी ने जिंदगी गुजारी उससे कई गुना ज्यादा बेहतर उनके लिए मौत थी।

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