देव कोहली(मृत्यु)

देव कोहली
🎂02 नवंबर 1942 - ⚰️26 अगस्त 2023

भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध गीतकार और कवि देव कोहली का जन्म 2 नवंबर 1942 को अविभाजित भारत के रावलपिंडी (अब पाकिस्तान) में एक सिख परिवार में हुआ। भारत विभाजन के बाद उनका परिवार देहरादून में बस गया, जहां उन्होंने श्री गुरु नानक देव कॉलेज से पढ़ाई की। 1958 में उनके पिता का देहांत हुआ, और इसके कुछ साल बाद 1964 में कोहली अपने सपनों को साकार करने के लिए मुंबई (तब बॉम्बे) चले आए।

🎵संगीत का सफर🎶

देव कोहली ने 1969 में फिल्म "गुंडा" से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की, लेकिन असली पहचान उन्हें "लाल पत्थर" (1971) के गीत "गीत गाता हूँ मैं..." से मिली। इसके बाद उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, परंतु 1989 की फिल्म "मैंने प्यार किया" के गीत "आते जाते हंसते गाते..." और "आजा शाम होने आई..." के हिट होने के बाद उन्हें एक नई पहचान मिली। 90 के दशक में, अनु मलिक और अन्य संगीतकारों के साथ उनकी साझेदारी से "बाजीगर" (1993) का "ये काली काली आंखें..." और "इश्क" (1997) का "देखो देखो जानम हम..." जैसे गीतों ने उन्हें गीतकारों की प्रमुख श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया।

विशिष्ट योगदान

कोहली ने राजश्री प्रोडक्शन्स की कई फिल्मों में यादगार गीत लिखे, जैसे "हम साथ-साथ हैं," "मैंने प्यार किया," "हम आपके हैं कौन।" इसके अलावा, उन्होंने बाबा सहगल के साथ एल्बम 'तोरा तोरा' और अन्य निजी एल्बम्स पर भी काम किया। उनका आखिरी गीत कंगना रनौत अभिनीत "रज्जो" (2013) के लिए था, जिसमें संगीत उत्तम सिंह का था।

🏆पुरस्कार और नामांकन

▪️ फिल्मफेयर नामांकन:
- 1990: "आते जाते हंसते गाते..." ("मैंने प्यार किया")
- 1994: "ये काली काली आंखें..." ("बाजीगर")
- 1995: "हम आपके हैं कौन..." ("हम आपके हैं कौन")

▪️ आईफा अवार्ड्स नामांकन:
- 2005: "ओ साकी साकी..." ("मुसाफिर")

▪️ ज़ी सिने अवार्ड्स:
- 2018: "चलती है क्या नौ से बारा..." ("जुड़वा 2")

🎧प्रमुख गीतों की सूची

- "ये दिल दीवाना..." (परदेस, 1997)
- "तेरा रंग बल्ले बल्ले..." (सोल्जर, 1998)
- "वो लड़की है कहाँ..." (दिल चाहता है, 2001)
- "ऐसा देस है मेरा..." (वीर-ज़ारा, 2004)
- "तेरा बन जाऊंगा..." (कबीर सिंह, 2019)
- "बेखयाली..." (कबीर सिंह, 2019)

🚶विरासत और अंतिम विदाई

देव कोहली, जिन्होंने बॉलीवुड को कई सदाबहार गीत दिए, बीते कुछ महीनों से अस्वस्थ थे और कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल में भर्ती थे। 26 अगस्त 2023 की सुबह उनका निधन हुआ। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट पर संपन्न हुआ।

देव कोहली की कृतियों ने भारतीय सिनेमा में अपनी अलग छाप छोड़ी है और उनकी कविताओं ने गीतों को भावनाओं की गहराई से जोड़कर वर्षों तक श्रोताओं के दिलों पर राज किया है।

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