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कुलवंत जानी

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  कुलवंत जानी 🎂14जुलाई⚰️31 मार्च 2018 कुछ ⚰️30 सितंबर 2004 को हुई बताते है जिस में विवाद है। कुलवंत जानी कुलवंत जानी (14 जुलाई 1940-30 सितंबर 2004) बॉलीवुड में एक फिल्म लेखक और गीतकार थे।  उन्होंने 72 हिंदी फिल्मों में 198 गाने लिखे हैं।  कुलवंत जानी के टॉप गाने हैं दिल के टुकड़े-टुकड़े करके..., भेजा है बुलावा तूने शेरावालिये..., कसम कली की... और मैं तेरे मन की मैना होती तू मेरे मन.... उन्हें सूर्यवंशी के लिए जाना जाता है।  (1992), ईमानदार (1987) और कल की आवाज (1998), फैसला मैं करूंगी (1995) और कई अन्य फिल्में।   कुलवंत जानी का जन्म 14 जुलाई 1940 को हुआ था और उनकी मृत्यु 30 सितंबर 2004 को हुई थी। कोई अधिक विवरण नहीं मिलता है। पर कुलवंत जानी 🎂14जुलाई ⚰️31 मार्च 2018 भी है  पेशा:- गीतकार, संवाद, पटकथा, कहानी लेखक लिंग पुरुष कुलवंत सिंह जानी उम्र 64 वर्ष की कैंसर से एक साल की लंबी लड़ाई के बाद 28 मार्च को सुबह 9:19 बजे उनके परिवार के आराम के बीच उनके घर में मृत्यु हो गई। जानी का जन्म पुंछ भारत में हुआ था और वह छोटी उम्र से ही अमेरिका में रहने ...

लिना चंद्रावरकर

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●▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬●   #29aug  लीना चंद्रावरके   🎂 29 अगस्त 1950  धारवाड़ पति: किशोर कुमार (विवा. 1980–1987) बच्चे: सुमित कुमार माता-पिता: श्रीनाथ चंदावरकर भाई: अनिल चंदावरकर *●▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬● लीना चन्दावरकर हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री हैं। लीना किशोर कुमार की चौथी पत्नी हैं,एक्ट्रेस लीना चंदावरकर महज 25 साल की उम्र में विधवा हो गई थीं. इसके बाद उन्होंने अपने से 20 साल बड़े किशोर कुमार से शादी कर ली.  🎂29 अगस्त को लीना का जन्मदिन है. बीते जमाने की एक्ट्रेस लीना चंदावरकर का जन्म मुंबई में एक आर्मी परिवार में हुआ. उन्होंने अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिल में दशकों तक राज किया. लीना ने अपना करियर मन का मीत फिल्म से शुरू किया था. इस फिल्म को सुनील दत्त ने प्रोड्यूस किया था. बताया जाता है इस फिल्म के लिए सुनील दत्त की पत्नी नरगिस ने उन्हें एक एक्ट्रेस के रुप में तैयार किया था. इसके अलावा उन्होंने मेहबूब की मेहंदी, हमजोली, प्रीतम, रखवाला जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम किया. लीना महज 25 साल की उम्र में विधवा हो गई थीं. इसके बाद उन्होंने अपने से 20 साल बड़े किशोर कुमार से शादी क...

मुकेश

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#22july #27aug Mukesh मुकेश *●▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬●   ꧁ मुकेश चन्द्र माथुर जन्म 22 जुलाई, 1923 जन्म भूमि दिल्ली, भारत मृत्यु 27 अगस्त, 1976 मृत्यु स्थान संयुक्त राज्य अमरीका पति/पत्नी सरल संतान पुत्र- नितिन, पुत्री- रीटा और नलिनी कर्म भूमि भारत कर्म-क्षेत्र पार्श्वगायन मुख्य फ़िल्में 'यहूदी', 'बन्दिनी', 'संगम', 'अंदाज़', 'मेरा नाम जोकर', 'आनन्द', 'कभी कभी', 'सत्यम शिवम सुन्दरम' आदि। पुरस्कार-उपाधि 'राष्ट्रीय पुरस्कार' एक बार, 'फ़िल्म फ़ेयर पुरस्कार' चार बार प्रसिद्धि पार्श्वगायक (हिन्दी सिनेमा) नागरिकता भारतीय प्रसिद्ध गीत 'छोड़ गए बालम', 'जिंदा हूं इस तरह', 'दोस्त-दोस्त ना रहा', 'जीना यहां मरना यहां', 'कहता है जोकर', 'जाने कहां गए वो दिन', 'आवारा हूं', 'मेरा ना राजू', 'मेरा जूता है जापानी', 'ये मेरा दीवानापन है', 'ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना', 'किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार', 'मैंने तेरे लिये ही सात रंग के सपन...

राजीव कपूर

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#25aug #09feb  राजीव कपूर 🎂25 अगस्त 1962, मुम्बई ⚰️ 09 फ़रवरी 2021, मुम्बई पत्नी: आरती सभरवाल (विवा. 2001–2003) माता-पिता: राज कपूर, कृष्णा कपूर भाई: रणधीर कपूर, रितु नंदा, ऋषि कपूर, रीमा कपूर एक भारतीय अभिनेता, फ़िल्म निर्माता, फ़िल्म निर्देशक और कपूर परिवार के सदस्य थे , जिन्हें राम तेरी गंगा मैली में उनकी मुख्य भूमिका के लिए जाना जाता था।वे बॉलीवुड अभिनेता -निर्देशक-निर्माता राज कपूर के सबसे छोटे बेटे थे।उनके बड़े भाई रणधीर कपूर और ऋषि कपूर भी सफल बॉलीवुड अभिनेता थे। अभिनेता शम्मी कपूर और शशि कपूर उनके चाचा थे। पृथ्वीराज कपूर उनके दादा थे और त्रिलोक कपूर उनके परदादा थे। 2001 में उन्होंने आर्किटेक्ट आरती सभरवाल से शादी की, जो कनाडा के वॉन में एक लॉ फर्म में पैरालीगल के तौर पर काम कर रही थीं । 2003 में उनका तलाक हो गया। कपूर ने 1983 में एक जान हैं हम में साथी नवोदित दिव्या राणा के साथ अपनी शुरुआत की। उन्होंने 1985 में अपने पिता राज कपूर की अंतिम निर्देशित फ़िल्म राम तेरी गंगा मैली में प्रमुख भूमिका निभाई। उन्होंने कई अन्य फ़िल्मों में अभिनय किया, जिनमें सबसे उल्लेखनीय आसमान ( 198...

सुदीपा सिंह

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#23aug  सुदीपा सिंह 23 अगस्त 1988 अमृतसर, भारत पेशा अभिनेत्री,मॉडल कार्यकाल 2010 – वर्तमान सुदीपा सिंह एक भारतीय अभिनेत्री है इन्होंने कई टीवी विज्ञापनों में कार्य किया है। इन्होंने अपने केरियर की शुरुआत 'अर्धांगिनी' नामक धारावाहिक से की। इन्होंने फिल्म में भी काम किया है।इसके अलावा कोमर्शियल (ad) में इनका कार्य सराहनीय है। एक रिपोर्ट के अनुसार इन्होंने लगभग 800 विज्ञापन किए हैं। बालवीर में बतौर रानी परी सुदीपा काफी चर्चित रहीं। नागार्जुन-एक योद्धा' में मोहिनी की भूमिका निभाने वाली सुदीपा सिंह ने उन अफवाहों का खंडन किया है। जिसमें कहा गया था कि वह टीवी शो और उसके ट्रैक से नाखुश हैं। अफवाहें हैं कि जिस तरह उनके पात्रों को उकेरा जा रहा था, उससे सुदीपा और उनके सह-कलाकार नवाब शाह और निकितिन धीर शो की प्रोडक्शन टीम से नाखुश थे। एक बयान के माध्यम से उन्होंने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा, "मैं 'नागार्जुन' में काम करके बहुत खुश हूं और मेरी प्रोडक्शन के लोगों से किसी बात को लेकर कोई झगड़ा नहीं है।" उन्होंने कहा, 'नागार्जुन-एक योद्धा' के साथ मेरी यात्रा अभी ...

हरनाम सिंह रवैल

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#21aug  #17sep  हरनाम सिंह रवैल 🎂21 अगस्त 1921 लायलपुर , पंजाब प्रांत , ब्रिटिश भारत ⚰️17 सितम्बर 2004  (आयु 83) बांद्रा , मुंबई , महाराष्ट्र, भारत पेशा फ़िल्म निर्देशक सक्रिय वर्ष 1940–1982 बच्चे राहुल रवैल रिश्तेदार रजत रवैल (पौत्र) हरनाम सिंह रवैल (21 अगस्त 1921 - 17 सितंबर 2004), जिन्हें अक्सर एचएस रवैल के नाम से जाना जाता है , एक भारतीय फिल्म निर्माता थे। उन्होंने 1940 की बॉलीवुड फिल्म दोरंगिया डाकू से निर्देशक के रूप में शुरुआत की और उन्हें मेरे महबूब (1963), संघर्ष (1968), महबूब की मेहंदी (1971) और लैला मजनू (1976) जैसी रोमांटिक फिल्मों के लिए जाना जाता है। उनके बेटे राहुल रवैल और पोते रजत रवैल (बेटी रोशनी रवैल के माध्यम से) भी फिल्म निर्देशक हैं; पूर्व ने अपनी एक फिल्म का नाम जीवन एक संघर्ष (1990) रखकर अपने पिता की फिल्म संघर्ष को श्रद्धांजलि दी। रवैल का जन्म ब्रिटिश भारत के पंजाब के लायलपुर में हुआ था और वे फिल्म निर्माता बनने की ख्वाहिश लेकर मुंबई चले गए। बाद में, वे कोलकाता चले गए जहाँ उन्होंने कई फ़िल्मों की पटकथाएँ लिखीं और दोरंगिया डाकू (1940) के साथ निर्दे...

लखबीर सिंह लखा

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#25aug  लखबीर सिंह लाखा 25 अगस्त 1950  एक प्रसिद्ध भक्ति गायक हैं। उन्होंने कई भक्ति गीत गाए हैं। उनका जन्म 25 अगस्त 1950 को पंजाब में हुआ था। उन्हें बचपन से ही गाने का शौक था, इसलिए उन्होंने इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाने का फैसला किया। उन्होंने अपने गायन करियर की शुरुआत माता की भेटों में माता की चौकी गाकर की। इससे उनकी गायकी बहुत मशहूर हुई। उन्होंने दुर्गा माता के भजन, श्याम भजन और हनुमान भजन जैसे भक्ति गीत ही गाए। लखबीर सिंह लखा की सिंगिंग की सबसे खास बात यह है कि वह एक ऑलराउंड सिंगर हैं। इसमें एक नयापन है जब वह अपने पंजाबी लहजे में देवी गीत गाते हैं। ऐसे कई गायक हैं जो खुद को देवी भजन राम भजन तक सीमित रखते हैं। लेकिन लखबीर सिंह लाखा ने हर तरह के भजन गाए हैं। उन्हें उनके प्रदर्शन के लिए जाना जाता है और उन्होंने दुर्गा माता, श्याम भजन और हनुमान भजन के कई भजन गाए। अपनी छोटी उम्र से, उन्होंने पंजाबी धर्म का पालन किया और इस मंच पर अपना करियर बनाने का फैसला किया। लखबीर एक बहुत ही प्रतिभाशाली गायक हैं जो अपने करियर में सकारात्मक और नकारात्मक किरदार निभा सकते हैं। उनके कुछ प्रसि...